मुबारक है वो आदमी Lyrics in Hindi
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Hindi Lyrics
मुबारक है वो आदमी
जो पाप के रास्ते पे नहीं चलता है
रुकता नहीं पापियों के रास्ते में कभी
जिनको नफरत है खुदा से
उनकी महफिल में न जाए
जिसको शरियत में खुदा की
ही मज़ा मिलता है
मुबारक है वो आदमी ......
वो उस दरख्त की मानिंद
जो है पानी के किनारे - २
अपने मौसम से फल आये
रहे पत्ते हरे भरे - २
सो वो जो कुछ भी है करता
वो उसे फलता है
जिसको शरियत में खुदा की
ही मज़ा मिलता है
मुबारक है वो आदमी ......
सूखे तिनके की तरह
जिस्म ये उड़ जाएगा
उसके दरबार में पापी
न जगह पायेगा
के खुदावंद जो है
सदिगो से मिलता है
जिसको शरियत में खुदा की
ही मज़ा मिलता है
मुबारक है वो आदमी ......
जो पाप के रास्ते पे नहीं चलता है
रुकता नहीं पापियों के रास्ते में कभी
जिनको नफरत है खुदा से
उनकी महफिल में न जाए
जिसको शरियत में खुदा की
ही मज़ा मिलता है
मुबारक है वो आदमी ......
वो उस दरख्त की मानिंद
जो है पानी के किनारे - २
अपने मौसम से फल आये
रहे पत्ते हरे भरे - २
सो वो जो कुछ भी है करता
वो उसे फलता है
जिसको शरियत में खुदा की
ही मज़ा मिलता है
मुबारक है वो आदमी ......
सूखे तिनके की तरह
जिस्म ये उड़ जाएगा
उसके दरबार में पापी
न जगह पायेगा
के खुदावंद जो है
सदिगो से मिलता है
जिसको शरियत में खुदा की
ही मज़ा मिलता है
मुबारक है वो आदमी ......