केवल पीड़ादायक परीक्षणों के Lyrics in Hindi
Real lyric content for this Hindi Christian song.
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Hindi Lyrics
परमेश्वर को संतुष्ट करने का प्रयास उसके
वचनों को अभ्यास में लाने के लिए
अपने परमेश्वर प्रेमी हृदय का उपयोग करना
है। चाहे जो भी समय हो तब भी जब दूसरे
लोग अशक्त होते हैं।
तुम्हारे भीतर परमेश्वर प्रेमी हृदय होता
है और तुम भीतर गहराई से परमेश्वर के लिए
तड़पते हो और उसे
याद करते हो। यह वास्तविक
आध्यात्मिक कद है।
तुम्हारा आध्यात्मिक कद असल में
कितना बड़ा है। यह इस बात पर निर्भर
करता है कि तुम्हारे पास
कितनी मात्रा में परमेश्वर प्रेमी
हृदय है। परीक्षण करने पर तुम अिग रह सकते
हो या नहीं
अपने सामने कोई खास परिवेश आने पर तुम
कमजोर तो नहीं पड़ जाते
और अपने भाई बहनों द्वारा ठुकराए जाने पर
तुम अिग रह पाते हो या नहीं
तथ्यों के सामने आने से पता चलेगा
कि तुम्हारा परमेश्वर प्रेमी हृदय
कैसा ऐसा है
परमेश्वर
के अधिकांश कार्य से यह देखा जा सकता है
कि परमेश्वर सचमुच मनुष्य से प्रेम
करता है।
हालांकि मनुष्य की आत्मा की आंखों का पूरी
तरह से खुलना अभी बाकी है।
और वह परमेश्वर के बहुत सारे
कार्य और उसके इरादों को और उससे संबंधित
बहुत सी प्यारी चीजें
साफ देखने में
असमर्थ है। मनुष्य में परमेश्वर के प्रति
सच्चा प्रेम बहुत कम है।
तुमने इस पूरे
समय के दौरान परमेश्वर पर विश्वास किया
है।
और यह परमेश्वर का कठोर न्याय और सर्वोच्च
उद्धार ही है जो तुम्हें इस सही
मार्ग पर ले जाता है।
कठिनाई और शोधन का अनुभव करने के बाद
ही मनुष्य जान पाता है कि
परमेश्वर प्यारा है।
आज तक इसका अनुभव करने के बाद कहा
जा सकता है कि मनुष्य परमेश्वर की मनोहरता
का एक अंश जान गया है। परंतु यह
अभी भी
अपर्याप्त
है क्योंकि मनुष्य में बहुत सारी
कमियां हैं।
मनुष्य को परमेश्वर के अद्भुत कार्यों का
और परमेश्वर द्वारा व्यवस्थित
कष्टों के सभी शोधन का और अधिक अनुभव करना
चाहिए।
तभी मनुष्य का जीवन स्वभाव
बदल सकता है।
वचनों को अभ्यास में लाने के लिए
अपने परमेश्वर प्रेमी हृदय का उपयोग करना
है। चाहे जो भी समय हो तब भी जब दूसरे
लोग अशक्त होते हैं।
तुम्हारे भीतर परमेश्वर प्रेमी हृदय होता
है और तुम भीतर गहराई से परमेश्वर के लिए
तड़पते हो और उसे
याद करते हो। यह वास्तविक
आध्यात्मिक कद है।
तुम्हारा आध्यात्मिक कद असल में
कितना बड़ा है। यह इस बात पर निर्भर
करता है कि तुम्हारे पास
कितनी मात्रा में परमेश्वर प्रेमी
हृदय है। परीक्षण करने पर तुम अिग रह सकते
हो या नहीं
अपने सामने कोई खास परिवेश आने पर तुम
कमजोर तो नहीं पड़ जाते
और अपने भाई बहनों द्वारा ठुकराए जाने पर
तुम अिग रह पाते हो या नहीं
तथ्यों के सामने आने से पता चलेगा
कि तुम्हारा परमेश्वर प्रेमी हृदय
कैसा ऐसा है
परमेश्वर
के अधिकांश कार्य से यह देखा जा सकता है
कि परमेश्वर सचमुच मनुष्य से प्रेम
करता है।
हालांकि मनुष्य की आत्मा की आंखों का पूरी
तरह से खुलना अभी बाकी है।
और वह परमेश्वर के बहुत सारे
कार्य और उसके इरादों को और उससे संबंधित
बहुत सी प्यारी चीजें
साफ देखने में
असमर्थ है। मनुष्य में परमेश्वर के प्रति
सच्चा प्रेम बहुत कम है।
तुमने इस पूरे
समय के दौरान परमेश्वर पर विश्वास किया
है।
और यह परमेश्वर का कठोर न्याय और सर्वोच्च
उद्धार ही है जो तुम्हें इस सही
मार्ग पर ले जाता है।
कठिनाई और शोधन का अनुभव करने के बाद
ही मनुष्य जान पाता है कि
परमेश्वर प्यारा है।
आज तक इसका अनुभव करने के बाद कहा
जा सकता है कि मनुष्य परमेश्वर की मनोहरता
का एक अंश जान गया है। परंतु यह
अभी भी
अपर्याप्त
है क्योंकि मनुष्य में बहुत सारी
कमियां हैं।
मनुष्य को परमेश्वर के अद्भुत कार्यों का
और परमेश्वर द्वारा व्यवस्थित
कष्टों के सभी शोधन का और अधिक अनुभव करना
चाहिए।
तभी मनुष्य का जीवन स्वभाव
बदल सकता है।